शिक्षा पर GST का प्रभाव : GST काउंसिल ने 56वीं बैठक में आम आदमी को बड़ी राहत दी है.इसमें स्कूली बच्चों की पढ़ाई से जुड़े सामान और रोजमर्रा की चीजें भी शामिल हैं.इस संबध में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें उन्होंने बताया कि जीएसटी स्लैब को आसान करके अब सिर्फ दो स्लैब रखे गए हैं. इससे न सिर्फ शिक्षा से जुड़े सामान सस्ते होंगे,बल्कि खाने-पीने की चीजें,दवाइयां और कई जरूरी सामानों की कीमतें भी घटेंगी.आइए समझते हैं कि क्या-क्या बदला है और इसका फायदा कैसे मिलेगा?

सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि बार-बार टैक्स दरों में बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि, कुछ विपक्षी शासित राज्यों ने जीएसटी काउंसिल की बैठक में राजस्व नुकसान की आशंका जताई। इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि नुकसान केवल राज्यों को नहीं, बल्कि केंद्र को भी होता है। लेकिन जब लोगों की जेब में पैसा जाएगा, तो सरकार सिर्फ अपनी कमाई की चिंता नहीं कर सकती।
उपभोक्ताओं GST की के कारण होगी बचत
सीतारमण ने कहा कि इस बार ज्यादातर चीजें कम टैक्स दायरे में हैं और अब केवल 13 सामान ‘लग्जरी और सिन् गुड्स’ श्रेणी में बचे हैं। इससे टैक्स ढांचा सरल होगा और उपभोक्ताओं को बचत होगी।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टमस् (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि कंपनियों को तुरंत अपनी बिलिंग सिस्टम अपडेट करनी होगी, ताकि 22 सितंबर से नई दरें लागू हो सकें। उन्होंने साफ कहा कि कंपनियां फायदा अपने पास नहीं रखें, बल्कि ग्राहकों तक पहुंचाएं।
सरकार कर सकती है कार्रवाई :अगर कोई सेक्टर नियमों का पालन नहीं करता है, तो सरकार संबंधित उद्योग संगठनों से बातचीत पर कार्रवाई करेगी। खासकर बीमा और ऑटो सेक्टर को लेकर स्पष्टिकरण दिया गया है कि उन्हें जो बड़ी राहत मिली है, उसका पूरा फायदा ग्राहकों को देना होगा। वहीं सिगरेट, पान मसाला और तंबाकू जैसे ‘सिन् गुड्स’ पर टैक्स बोझ घटने वाला नहीं है।
पढ़ाई से जुड़ी चीजों पर जीएसटी काउंसिल ने खास ध्यान दिया है.अब स्कूल के कई जरूरी सामानों पर जीएसटी को 12% और 5% से घटाकर 0% करने का प्रस्ताव है यानी मैप, ग्लोब, पेंसिल, शार्पनर, रबड़, कॉपी, लैब नोटबुक और अभ्यास पुस्तिकाओं पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा. इससे माता-पिता और स्टूडेंट्स की जेब पर बोझ कम होगा.ये कदम खासकर उन परिवारों के लिए राहत भरा है जो बच्चों की पढ़ाई के खर्च को लेकर परेशान रहते हैं.
किन चीजों पर खत्म हुई GST ?
जिन वस्तुओं पर GST 5 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है, वे हैं अल्ट्रा-हाई टेम्परेचर दूध, छेना और पनीर. सभी भारतीय रोटियों पर GST शून्य होगा. यानी रोटी हो या पराठा या जो भी हो, उन सभी पर GST शून्य होगा.
किन चीजों से घटी 28 फीसदी GST?
एयर कंडीशनिंग (AC), 32 इंच से बड़े टीवी, सभी टीवी पर अब 18%, वॉशिंग मशीनें, छोटी कारें, 350 के बराबर या उससे कम वाली मोटरसाइकिलें. इन पर अब 28 फीसदी नहीं बल्कि 18 फीसदी जीएसटी लगेगी.
ये चीजें gst हुईं फ्री
GST काउंसिल की बैठक में सरकार ने आम आदमी के लिए जीवनयापन को अधिक किफायती बनाने के लिए तीन जीवन रक्षक दवाओं और 33 अन्य दवाओं सहित कम से कम 60 वस्तुओं पर जीएसटी से छूट दी है. इन वस्तुओं को टैक्स फ्री कर दिया है.

इन पर लगेगा जीरो टैक्स
- अल्ट्रा-हाई तापमान वाले दूध
- पिज्जा ब्रेड
- चपाती या रोटी
- पराठा
- भारतीय रोटियां, चाहे किसी भी नाम से जानी जाएं
- इरेजर
- 33 दवाएं और औषधियां
- कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर दीर्घकालिक बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग की जाने वाली 3 जीवनरक्षक दवाएं और औषधियां
- नोटबुक, ग्राफ पुस्तिका
- सभी प्रकार के मानचित्र, ग्लोब्स
- ऊन के गोले
- कपड़ा सिलने वाले धागे
- पेंसिल शार्पनर
- पेंसिलें (प्रोपेलिंग या स्लाइडिंग पेंसिल सहित)
- क्रेयॉन (कलरवाली पेंसिल)
- चारकोल से चित्र बनाना
- दर्जी की चाक
- चाक की छड़ें
हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस पर छूट
GST Counsil ने सभी पर्सनल लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसियों पर शून्य जीएसटी दर की घोषणा की, चाहे वे टर्म लाइफ, यूलिप या एंडोमेंट पॉलिसियां हों, ताकि आम आदमी के लिए बीमा को सस्ता बनाया जा सके और देश में बीमा कवरेज को बढ़ाया जा सके. इसके अतिरिक्त, सीतारमण ने घोषणा की कि सभी व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां (फैमिली फ्लोटर पॉलिसियां और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पॉलिसियां सहित) और उनके रिनुवल को जीएसटी से छूट दी जाएगी.
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