क्या बिहार का सीएम तेजस्वी बन सकते है ? 2025 बिहार विधानसभा चुनाव (Vidhan Sabha Election 2025)

क्या तेजस्वी यादव बन पाएंगे बिहार के अगले मुख्यमंत्री? :-

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज़ हो चुकी हैं, और जैसे-जैसे आधिकारिक घोषणा की घड़ी नजदीक आ रही है, सियासी समीकरण और रणनीतियां भी तेजी से बदलती दिख रही हैं। बिहार में करीब एक माह बाद विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Election 2025) की घोषणा होने की संभावना है। इस चुनाव को लेकर सत्ता पक्ष राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और विपक्षी इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc), जिसे बिहार में महागठबंधन कहा जाता है, दोनों की ही तैयारी जोरशोर से चल रही है, लेकिन दोनों ही ओर से मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका खुलासा अब तक नहीं किया गया है। चूंकि सत्ता में नीतीश कुमार सरकार है, इसलिए अब तक यह माना जा रहा है कि एनडीए के फिर से सत्ता में आने पर वे फिर एक बार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। लेकिन इंडिया गठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने खुद ही स्वयं के अगला मुख्यमंत्री बनने की घोषणा कर दी है। उसके मुख्य सहयोगी दल कांग्रेस ने अब तक इस बारे में कुछ भी नहीं कहा है।

क्या कहते हैं सर्वे के आंकड़े

आज तक पर प्रसारित सी-वोटर के इस सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, जून के तीसरे हफ्ते में बिहार के अगले सीएम की पसंद के रूप में तेजस्वी यादव सबसे पहली पसंद बनकर उभरे हैं। उन्हें 34.6 फीसदी लोगों ने सीएम चेहरे के तौर पर पहली पसंद बताया है, जबकि राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सिर्फ 17.4 फीसदी लोगों ने ही अपनी पसंद बताया है। नीतीश इस सर्वे में तीसरे नंबर पर पहुंच गए हैं, जबकि प्रशांत किशोर को लोगों ने दूसरी पसंद बताया है। उन्हें 18.4 फीसदी लोगों ने इस पद के लिए अपना पसंदीदा चेहरा बताया है। पिछले चार महीनों में प्रशांत किशोर की लोकप्रियता में यह बहुत लंबी छलांग है।

सर्वे में लोजपा (रामविलास) के नेता और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को चौथे नंबर पर रखा गया है। उन्हें इस पद के लिए 9.9 फीसदी लोगों ने अपनी पसंद बताया है, जबकि राज्य के उप मुख्यमंत्री और भाजपा नेता सम्राट चौधरी इस मामले में सबसे निचले यानी पांचवें पायदान पर हैं। उन्हें 9.6 फीसदी लोगों ने मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पसंद किया है।

राजनीतिक करियर : तेजस्वी यादव राजनीतिक मे कब आये?

2010 में, तेजस्वी ने क्रिकेट में अपना करियर बनाते हुए राष्ट्रीय जनता दल के लिए प्रचार करना शुरू किया। उन्हें पार्टी की प्रचार रणनीतियों को आधुनिक बनाने और डिजिटल पहुँच बढ़ाने में मिली सफलता का श्रेय दिया जाता है।

2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में, तेजस्वी ने राघोपुर और गिरिडीह दोनों सीटों से महागठबंधन के उम्मीदवार के रूप में प्रचार किया। गठबंधन को विधानसभा में भारी बहुमत मिला जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया। उन्हें पाँचवें नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में लोक निर्माण, वानिकी और पर्यावरण विभाग आवंटित किए गए।

2018 में एक विवाद के कारण लगे झटके के बाद, तेजस्वी ने अपनी छवि साफ़ कर ली और राष्ट्रीय जनता दल के वास्तविक नेता बन गए। 2019 में बिहार में आई बाढ़ के दौरान राहत कार्यों और खाद्य आपूर्ति के आयोजन में तेजस्वी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में, तेजस्वी ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का नेतृत्व करते हुए महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में काम किया था, हालाँकि गठबंधन को 110 सीटें मिलीं, जिनमें से राजद 75 सीटें ही हासिल कर पाई। 122 सीटों के बहुमत के लिए आवश्यक होने के कारण गठबंधन नई सरकार बनाने में असमर्थ रहा। तेजस्वी को बिहार के विपक्ष का नेता चुना गया। 2015 – तेजस्वी राघोपुर से बिहार विधानसभा के सदस्य चुने गए, जहाँ उन्होंने भाजपा के सतीश कुमार को 22,733 मतों के अंतर से हराया। इसके बाद उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री नियुक्त किया गया।

BIHAR ELECTION 2025

मुख्यमंत्री बन जाने के लिए सबसे बड़ा मौका 2020 के चुनाव में तेजस्वी यादव को अकेले मैदान में उतरना पड़ा था. क्योंकि, लालू यादव तब रांची जेल में चारा घोटाले की सजा काट रहे थे. तेजस्वी यादव के लिए सबसे अच्छी बात है कि इस बार लालू यादव उनके साथ बिहार में ही हैं, और अपनी राजनीतिक जिंदगी का पूरा अनुभव और ताकत झोंक चुके हैं. लालू यादव का बिहार में होना तेजस्वी यादव की फिलहाल सबसे बड़ी ताकत है. चुनावी रणनीति तो अब तेजस्वी यादव खुद भी बनाने लगे हैं, और संजय यादव जैसा एक साथी भी मिल चुका है. संजय यादव हर कदम पर सहयोगी की भूमिका में रहते हैं. उनके काम का दायरा अब सिर्फ सोशल मीडिया तक ही सीमित नहीं रहा, अब तो गठबंधन की बैठकों में भी उनकी मजबूत मौजूदगी महसूस की जाती है. लेकिन, संजय यादव के पीछे खड़े होने, और तेजस्वी यादव की पीठ पर लालू यादव का हाथ होने की कोई तुलना ही नहीं है. लालू यादव का मौजूद होना ही काफी होता है. लालू यादव के होने से कहीं कोई चीज छूट रही हो तो वो भी मैनेज हो जाती है. गठबंधन के नेताओं पर भी लालू यादव का एक्स्ट्रा प्रभाव होता है. ठीक वैसे ही जैसे सोनिया गांधी के प्रभाव का फायदा राहुल गांधी को मिलता रहा है.

बिहार विधानसभा चुनाव कार्यक्रम 2025 : Bihar Assembly Election Schedule 2025

बिहार विधान सभा चुनाव 2025 की आधिकारिक तारीख अभी घोषित नहीं हुई है. उपलब्ध जानकारी से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह अक्टूबर–नवंबर के बीच आयोजित किया जाएगा. वहीं, नतीजों का ऐलान नवंबर में हो सकता है. पिछली बार की तरह इस बार भी मतदान दो या तीन चरणों में करवाए जाने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें प्रमुख त्योहारों जैसे दिवाली और छठ का विशेष ध्यान रखा जाएगा. बिहार विधानसभा का वर्तमान कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव प्रक्रिया इसी से पूर्व पूरी की जानी आवश्यक है. चुनाव आयोग द्वारा विस्तृत चुनाव कार्यक्रम की घोषणा होते ही हम आपको तुरंत अपडेट देंगे.

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