(Lunar Eclipse)चंद्र ग्रहण kab se kab tak तक रहेगा 2025 (When will the lunar eclipse last in 2025? )चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। ऐसा माना जाता है कि यह तब होता है जब सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आ जाती है। ऐसे में पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और उसकी चमक कम हो जाती है। जब चंद्रमा पूरी तरह से पृथ्वी की छाया में आ जाता है, तो इसे पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है। हिंदू धर्म में चंद्र ग्रहण को अशुभ काल बताया गया है और इस दौरान कई नियमों और परंपराओं का पालन करना आवश्यक माना जाता है।चंद्र ग्रहण का समय
चंद्रग्रहण का आरंभ : रात्रि 9 बजकर 57 मिनट पर
खग्रास आरंभ: रात्रि 11 बजकर 1 मिनट पर
ग्रहण का मध्यकाल: रात्रि 11 बजकर 42 मिनट से
खग्रास समाप्त: मध्य रात्रि 1 बजकर 23 मिनट पर

Lunar Eclipse चंद्र ग्रहण का समापन: मध्यरात्रि 1 बजकर 26 मिनट पर
सूतक टाइम (Sutak Time for Chandra Grahan September 2025)
सूतक काल की शुरुआत- 07 सितंबर को दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर
सूतक काल का समापन- 08 सितंबर को देर रात 01 बजकर 26 मिनट तक
कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) ? चंद्र ग्रहण भारत (bharat me chandra grahan kab lagega September 2025) के अलावा एशिया, न्यूजीलैंड, अमेरिका फिजी और अंटार्कटिका के कुछ हिस्सों में देखने को मिलेगा।
चंद्र या सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए (Chandra Grahan ya Surya Grahan Mein Kya Nahi Kare)
चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन करने, सोने, तेल मालिश करने, जल ग्रहण करने, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, दातुन करना और यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है। इसके अलावा इस दौरान भगवान की मूर्तियों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है।
What Is The Sutak In Grahan: चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) सूतक क्या है?
सूतक वह समय होता है, जो ग्रहण शुरू होने से कुछ घंटे पहले शुरू होता है और ग्रहण समाप्त होने तक रहता है। इस दौरान कुछ कार्यों को करना वर्जित माना जाता है, क्योंकि माना जाता है कि इस समय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है। चंद्र ग्रहण का सूतक आमतौर पर ग्रहण शुरू होने से 9 घंटे पहले शुरू होता है। सूतक में खाना बनाना, खाना खाना, पानी पीना, पूजा-पाठ, मंत्र जाप, या नए धार्मिक अनुष्ठान शुरू करना, बाल कटवाना, नाखून काटना या कोई नया कार्य शुरू करना अशुभ माना जाता है।
चंद्र या सूर्य ग्रहण के दौरान क्या नहीं करना चाहिए (Chandra Grahan ya Surya Grahan Mein Kya Nahi Kare)
चंद्र ग्रहण के दौरान भोजन करने, सोने, तेल मालिश करने, जल ग्रहण करने, मल-मूत्र विसर्जन, बालों में कन्घा करना, दातुन करना और यौन गतिविधियों में लिप्त होना प्रतिबन्धित माना जाता है। इसके अलावा इस दौरान भगवान की मूर्तियों को भी स्पर्श नहीं किया जाता है।
“Do’s for Pregnant Women During Eclipse: गर्भवती महिलाएं Lunar Eclipse चंद्रग्रहण के दौरान क्या करें
- घर के दरवाज़े और खिड़कियाँ ढक दें।
- ध्यान और मंत्रों का जाप करें।
- ग्रहण से पहले और बाद में स्नान करें।
- धार्मिक ग्रंथों का पाठ करें ।
गर्भवती महिलाओं को चंद्रग्रहण (Lunar Eclipse) के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
- ग्रहण के समय घर से बाहर न जाएं
- तेज़ या नुकीली चीज़ों का उपयोग न करें
- धातु के आभूषण न पहनें
- ग्रहण के समय न सोएं
गर्भवती महिलाएं ग्रहण के दौरान क्या खाएं
- आमतौर पर ग्रहण के समय भोजन करना वर्जित होता है।
- लेकिन गर्भवती महिलाएं स्वास्थ्य कारणों से ताज़े फल, सात्विक भोजन और आवश्यक दवाइयाँ ले सकती हैं।
- पहले से बना खाना ग्रहण से पहले हटा लें और बाद में ताज़ा बनाएं।
(Lunar Eclipse) Chandra Grahan Timing in Delhi NCR: दिल्ली में कब दिखेगा चंद्र ग्रहण?
आज दिल्ली-एनसीआर के लोग भी इस पूर्ण चंद्र ग्रहण को देख सकेंगे. देश की राजधानी में 9: 58 पीएम से लगेगा और देर रात 1: 26 मिनट पर समाप्त होगा. ग्रहण का सूतक समय दिन में 12 बजकर 19 मिनट से शुरू होगा और रात में 1 बजकर 26 मिनट पर होगी. चूंकि, भारत में ये पूर्ण ग्रहण होगा, इसलिए सूतक भी मान्य होगा.
(Lunar Eclipse) चंद्र ग्रहण Chandra Grahan 7 September 2025 India Time: देश में चंद्र ग्रहण शुरू और समाप्त होने का समय
चंद्र ग्रहण शुरू होने का समय- रात 9 बजकर 58 मिनट
चंद्र ग्रहण समाप्त होने का समय- देर रात 1 बजकर 26 मिनट, 8 सितम्बर
ग्रहण की अवधि- 3 घंटे 28 मिनट 2 सेकेंड
खग्रास शुरू- रात 11 बजकर 1 मिनट
खग्रास समाप्त- 12:22 एएम, 8 सितम्बर
खग्रास का समय- 1 घंटा 21 मिनट, 27 सेकेंड
उपच्छाया से पहला स्पर्श- 8:59 पीएम
प्रच्छाया से पहला स्पर्श – 9:58 पीएम
उपच्छाया का समय- 5 घंटे 24 मिनट और 37 सेकेंड
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